25+ MOST IMP. EVS MCQ FOR CTET&OTHER TET

25+ MOST IMP. EVS MCQ FOR CTET&OTHER TET

25+ MOST IMP. EVS MCQ FOR CTET&OTHER TET


दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है, 25+ MOST IMP. EVS MCQ FOR CTET&OTHER TET जो आपकी CTET ,UPTET  और other STATE TET की परीक्षाओं के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होंगे |



NOTE- जिस विकल्प मे STAR (*) लगा हुआ है वो विकल्प प्रश्नों के सही उत्तर  है  |



  •  पर्यावरण अध्ययन शिक्षण के उद्देश्यों के प्रकार हैं-

  1. शैक्षिक उद्देश्य 
  2.  शिक्षण उद्देश्य
  3. उपर्युक्त  दोनों*
  4. उपर्युक्त में से कोई नहीं

  • . ज्ञानात्मक पक्ष के उद्देश्यों का विश्लेषण प्रस्तुत किया है-

  1. बी. एस. ब्लूम .*
  2. क्रथवाल
  3. मसीहा 
  4. उपर्युक्त  सभी


  • भावात्मक  पक्ष के उद्देश्यों को विश्लेषित किया हैं-

  1. क्रथवाल तथा मसीहा*
  2. बी. एस. ब्लूम .
  3. सिम्पसन 
  4. उपर्युक्त सभी 


  •  उद्देश्यों के कितने पक्ष होते हैं?

  1. दो 
  2.  तीन*
  3.  चार
  4.  पाँच

  • ज्ञानात्मक पक्ष का उद्देश्य है-

  1. ज्ञान 
  2.  बोध
  3.  प्रयोग
  4.  उपर्युक्त सभी *


  •  पर्यावरण अध्ययन शिक्षण में समस्या समाधान विधि के सम्बन्ध में कौन-सा सत्य है?

  1. यह बालकेंद्रित  विधि है।*
  2. यह शिक्षक केन्द्रित है।
  3. यह परम्परागत विधि है।
  4. उपर्युक्त सभी।


  •  दिए गए विकल्पों में से कौन-सा योजना विधि का पद नहीं है?

  1.  परिस्थिति उत्पन करना 
  2.  योजना का चुनाव
  3. योजना का निर्माण*.
  4. योजना का मूल्यांकन


  • योजना विधि के जन्मदाता हैं-

  1.  ब्रूबकेर 
  2.  हर्ड एवं किले
  3. किलपैट्रिक*
  4.  हरबर्ट


  • . प्रयोगशाला विधि में महत्व दिया जाता है-

  1.  प्रयास एवं त्रुटि को
  2. करके सीखने के सिद्धांत को*
  3. अनुभव को 
  4. उपर्युक्त सभी को

  • निम्नलिखित में से कौन-सा योजना पद्धति का सिद्धांत है?

  1. अनुभव का सिद्धांत,
  2. उद्देश्य का सिद्धांत
  3. क्रियाशीलता का सिद्धांत
  4.  उपर्युक्त सभी*


  • पाठ्य सहगामी क्रियाओं के द्वारा निम्न में से कौन-सा विकास होता है?

  1.  शारीरिक विकास 
  2.  मानसिक विकास
  3. भावनात्मक विकास 
  4. उपर्युक्त सभी*


  •  शिक्षण प्रक्रिया का प्रमुख अंग है-

  1. पाठ्यक्रम 
  2.  पाठ्य  -पुस्तक
  3.  पाठ्य सहगामी क्रियाएं 
  4.  उपर्युक्त सभी*


  •  पर्यावरण अध्ययन शिक्षण में पादय सहगामी क्रियाओं का उद्देश्य हैं 

  1.  छात्रों को स्वयं सीखने का अनुभव प्रदान करना 
  2. छात्रों का सर्वांगीण विकास
  3. अवकाश का सदुपयोग
  4. उपर्युक्त सभी *


  • शिक्षण में पादय सहगामी क्रिया से संबंधित नहीं है 

  1. कृषि कार्य *
  2. भ्रमण 
  3. विज्ञान क्लब 
  4. पर्यटन


  • पर्यावरण अध्ययन  शिक्षण में शैक्षिक पर्यटनों से छात्रों में निम्न में से कौन-सा विकास होता है?

  1. सौन्दर्य अनुभूति  की क्षमताओं का
  2. सहयोग की भावना का
  3.  छात्रों के ज्ञानात्मक एवं भावात्मक पक्ष का
  4.  उपर्युक्त सभी का*


  •  पर्यावरण अध्ययन शिक्षण में पाठ योजना में सर्वप्रथम क्या निर्धारित किया जाता है?

  1. उद्देश्य*
  2. पाठ-वस्तु
  3.  प्रणाली
  4. गृह-कार्य


  • | पर्यावरण अध्ययन शिक्षण में पाठ योजना में सबसे अधिक महत्व किसका है?

  1.  शिक्षक 
  2. शिक्षार्थी*
  3. पाठ-वस्तु 
  4.  गृहकार्य


  • पाठ योजना के प्रकार हैं?

  1.  तीन 
  2.  चार
  3. पाँच 
  4.  छः


  • हरबर्ट की पाठ योजना का पद नहीं है-

  1.  प्रस्तावना
  2.  प्रस्तुतीकरण
  3. विशिष्टीकरण*
  4.  प्रयोग


  •  पाठ योजना के उपागम हैं-

  1.  पाँच
  2. सात*
  3. आठ 
  4.  दस


  • स्लाइड का प्रकार नहीं है-

  1. सैलोफोन स्लाइड. 
  2. फोटोग्राफिक स्लाइड
  3. ऐच्ड स्लाइड 
  4. स्टैण्डर्ड स्लाइड*


  • . प्रोजेक्टर कितने प्रकार के होते हैं?

  1. 2
  2. 4 *
  3. 7


  • दृश्य सामग्री का उदाहरण है-

  1. रेडियो 
  2. फिल्‍म
  3. टेपरिकार्डर 
  4.  प्रतिरूप*


  • टेलीविजन है-

  1. दृश्य सामग्री 
  2.  श्रव्य सामग्री
  3.  दृश्य-श्रव्य सामग्री*
  4.  इनमें से कोई नहीं


  • . सूक्ष्म शिक्षण को विकसित करने का श्रेय हे

  1. डॉ. बी. के. पाशी 
  2.  डॉ. एल. सी. सिंह
  3.  डॉ. मेनन है 
  4. उपर्युक्त सभी*


  • शिक्षण का स्तर हैं-

  1. ज्ञानार्जन स्तर 
  2. कौशल अर्जन स्तर
  3. स्थानान्तरण स्तर. ,
  4. उपर्युक्त  सभी*


  • कम्प्यूटर सह अनुदेशन की विधि है-

  1. ट्यूटोरियल
  2. अभिरूपता
  3. प्रतिमापीकरण 
  4. उपर्युक्त सभी*


  • पर्यावरण अध्ययन शिक्षण में पाठयक्रम होना चाहिए-

  1.  दृढ़ 
  2. लचीला*
  3. सरल 
  4.  इनमें से कोई नही

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